SEO क्या है और कैसे करते है? What is SEO in hindi 2023
Author -
AZADINAUKRISE
दिसंबर 18, 2022
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SEO kya hai - क्या है और क्यों करना होता है ब्लॉक के लिए जरूरी क्यों है ऐसे लोग ब्लॉग का जान या इसकी आत्मा क्यों बोलते हैं, आप चाहें तो बहुत अच्छी आर्टिकल लिख सकते हैं डाल सकते हैं, पर बिना SEO आपके आर्टिकल कभी भी ग्रो नहीं करेगा। और अगर ठीक तरीके से SEO नहीं हुई तो उसमें ट्रैफिक आने की संभावनाएं काफी कम हो जाएगी जिससे ट्रैफिक नहीं आएगी तो अर्निंग भी नहीं होगी। ऐसे मैं राइटर जीतोड़ मेहनत करता है पर उसका रिजल्ट उसको जीरो मिलता है।
SEO क्या है और कैसे करते है?
आज बात करें तो यह डिजिटल युग है, डिजिटल युग में अगर आपको अपनी पैठ बनानी है तो एक ऑनलाइन ही ऐसा जरिया है जहां करोड़ों लोगों के साथ जोड़ सकते हैं और उनके सामने अपनी उपस्थिति अपने प्रोडक्ट को रख सकते हैं।
वह आपके ऊपर डिपेंड करता है कि आप कैसे लोगों के सामने आते हैं आप वीडियो बनाकर उनके सामने उपस्थित होते हैं, या अपने कंटेंट को एक ब्लॉग के थ्रू लिखकर उनके सामने पहुंचा सकते हैं। आप वीडियो बनाते हैं या फिर आप कंटेंट लिखते हैं ऐसा करने के लिए आपको सर्च इंजन के पहले पेज में आना ही होता है अगर आप पहले पेज में नहीं आते हैं, तो आपके पास इन्वेस्टर्स भी नहीं आएंगे और इन्वेस्टर्स नहीं आएंगे तो आपकी एअर्निंग भी नहीं होगी जो आपको पसंद करते हैं और ट्रस्ट भी करते हैं और ज्यादा से ज्यादा से पढ़ने के लिए यूज करते हैं।
लेकिन आपको लगता होगा कि आपने आर्टिकल लिख लिया और आपका आर्टिकल ग्रो हो जायेगा। तो ऐसा नहीं होता है यहां तक पहुंचना आसान नहीं है, क्योंकि सबसे पहले हमें यहां पर आर्टिकल को सही ढंग से S.E.O. करना आना चाहिए। अगर आप इसका मतलब समझे तो सही तरीके से आपको ऑप्टिमाइज करना आना चाहिए जिससे वह सर्च इंजन में रैंक हो सके इसी प्रोसेस को हम SEO कहते हैं। और हम आज इसी आर्टिकल में जानेंगे कि SEO किसे कहते हैं (What is SEO in hindi) कैसे करते हैं इसकी पूरी जानकारी आपको इस आर्टिकल में मिलने वाली है इस आर्टिकल को पूरा जरूर पड़ जाएगा।
SEO क्या है ? What is SEO in hindi
SEO का फुल फॉर्म क्या है Search engine optimization। यह ऐसी technique है या प्रोसेस है जो वेबसाइट को गूगल, याहू जैसे सर्च इंजन में स्कोरिंग कराने में मदद करती है। हम कह सकते हैं कि SEO एक वेबसाइट को अपडेट करने की प्रक्रिया है, ये एक ऐसा प्रोसेस है ताकि ए सर्च इंजन रिजल्ट पेज में अच्छी रैंक कर सके और सर्च इंजन से ट्रैफिक लाने में कामयाबी हासिल कर सके। इस प्रोसेस में ऑन पेज ऑप्टिमाइजेशन,ऑफ पेज ऑप्टिमाइजेशन,लिंक बिल्डिंग और कीवर्ड रिसर्च जैसे विभिन्न तकनीकी भी शामिल होती हैं।
यहां पर बात सर्च इंजन की हो रही है तो आपको यह बताना जरूरी जरूर समझूंगा कि गूगल पूरी दुनिया का सबसे पॉपुलर सर्च इंजन है और इसके अलावा भी याहू जैसे भी सर्च इंजन मौजूद है जो SEO की मदद से हम अपने ब्लॉग को सर्च इंजन पर नंबर वन पोजिशन में ला सकते हैं।
हम एक उदाहरण के तौर पर गूगल पर हम कुछ केवल टाइप कर सर्च करते हैं और उसकी वर्ड से रिलेटेड जितने भी कंटेंट होंगे आपको गूगल पर दिखाई देगा यह कंटेंट जो हमें नजर आते हैं वह सभी अलग-अलग ब्लॉग से होते हैं।
यहां पर जो आर्टिकल सबसे ऊपर दिखाई देता है गूगल में नंबर वन रैंक पर है तभी तो सबसे ऊपर अपनी जगह बनाए रखता है, नंबर वन पर है मतलब उस ब्लॉग में SEO का बहुत अच्छे तरीके से इस्तेमाल किया गया है, जिससे कि उसकी ट्रैफिक सॉसेज है या विजिटर्स है वह बहुत ज्यादा है और इसी वजह से वहब्लॉग बहुत ज्यादा मशहूर हो गया है ।
SEO हमारे ब्लॉग को गूगल में नंबर वन रैंक लाने में सहायता करता है यह ऐसा प्रोसेस है जो आपके वेबसाइट को सर्च इंजन के सर्च रिजल्ट पर सबसे ऊपर रखने में विस्तार की संख्या को भी बढ़ाता है।
आपका वेबसाइट सर्च रिजल्ट में सबसे ऊपर हो तो इंटरनेट यूजर सबसे पहले आपके साइड में ही इंट्रेस्ट करेंगे इससे उनका ट्रस्ट बनता है जिससे ज्यादा ट्रैफिक आने की संभावना बढ़ जाती है। और आपकी इनकम भी अच्छी होने लगती है अपने वेबसाइट पर ऑर्गेनिक ट्रैफिक बढ़ाने के लिए आपको SEO का इस्तेमाल करना बहुत ही जरूरी है अगर नहीं आता है तो सीखना भी बहुत जरूरी है।
अगर आप चाहते हैं कि ब्लॉगिंग से आप पैसा कमाना तो आपको वीडियो आपको दे रहा हूं जिससे आप देख सकते हैं और समझ सकते हैं कि ऐसी वो क्या है और ब्लॉगिंग के लिए क्यों जरूरी है।
SEO सीखने में कितना समय लगता है? फुल फॉर्म
SEO का फुल फॉर्म Search engine optimization।
SEO blog ke liye kyon jaruri hai
आपने तो यह जान लिया कि ऐसी हो क्या है अब हम जानते हैं कि यह ब्लॉग के लिए क्यों जरूरी है और अपने वेबसाइट तक लोगों को कैसे पहुंचाने में SEO का इस्तेमाल करते हैं।
आपने वेबसाइट बनाई होगी आपस पार्टिकल भी डाल रहा हूं पर वह आपकी वेबसाइट लाइक नहीं कर रही हो पर आपको SEO . का इस्तेमाल करना नहीं आया तो आपकी वेबसाइट तक लोग पहुंचेंगे ही नहीं और वेबसाइट तक पहुंचेंगे नहीं तो फिर आपका कोई फायदा भी नहीं और आपकी इनकम भी नहीं।
अगर हम ऐसी ओ का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो कोई भी यूजर कीवर्ड सर्च करेगा तो आपके वेबसाइट में उसकी वर्ड से संबंधित अगर कोई कंटेंट मौजूद है तब भी यूजर आपके वेबसाइट को मैसेज नहीं कर सकता है।
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि सर्च इंजन आपने साइट को ढूंढ नहीं पाएगा ना ही आपके वेबसाइट के कंटेंट को अपने डेटाबेस फर्स्ट और कर सकता है जिससे आपके व्हाट्सएप में ट्रैफिक होना बहुत ही मुश्किल हो जाएगा इसलिए आपके साइड में सही ढंग से अवश्य करना बहुत ही जरूरी है।
एसीओ करना बहुत ही आसान है अगर आपने इसे समझ लिया तो यह बहुत ही बेहतर बन जाएगा आपके ब्लॉक के लिए उसकी वैल्यू सर्च इंजन में बढ़ जाएगी।
जब आप ऐसी ओ का इस्तेमाल करना सीख जाते हैं तो आप का रिजल्ट दिखाई देने लगता है पर तुरंत नहीं होता उसके लिए आपको धैर्य रखना पड़ता है और थोड़ी देर दिन के बाद ही आपको अपने सब्र का फल मिलता है और मेहनत जरूर रंग लाती है।
SEO (Search engine optimization) इतना इंपोर्टेंट क्यों है ?
आइए आप जानते हैं सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन के और अधिक महत्व के बारे में।
👉 ज्यादा यूजर्स जो होते हैं वह अपने सवालों के जवाब को ढूंढते हुए आते हैं। और जब सर्च इंजन द्वारा दिखाए गए टॉप रिजल्ट को ही देखना पसंद करते हैं क्योंकि उसमें ट्रस्ट बना होता है अगर आपको भी लोगों के सामने आना है तब आपको भी ऐसी हो की मदद लेनी होगी ब्लॉक को लाइन कराना होगा यानी कि गूगल सर्च रिजल्ट के पहले पेज पर आना होगा।
👉 ऐसी को सर्च इंजन के लिए नहीं बल्कि su-35 इसके होने से यह यूजर एक्सपेंस को बढ़ाने में मदद करता और आपके वेबसाइट कि यूजेबिलिटी को भी बढ़ा देता है।
👉 हां यूजर ज्यादातर टॉप रिजल्ट को ही टेस्ट करता है अगर आप भी होंगे किसी भी चीज को सर्च करेंगे तो टेक्टप की जड़ में होगा उसी पहले आप टेस्ट करेंगे उसी को देखना पसंद करेंगे
इससे आपके वेबसाइट कंटेस्ट में पड़ जाता है और जब भी बढ़ जाते हैं।
👉 ऐसी आपके वेबसाइट या ब्लॉग के सोशल प्रमोशन के लिए भी बहुत जरूरी होता है क्योंकि यहां पर नई साइट को गूगल और जैसे सर्च इंजन में देखने पसंद करते हैं और ज्यादातर वह इसे फेसबुक ट्विटर पिंटरेस्ट में शेयर भी करते हैं।
👉Seo किसी भी साइट की टाइपिंग को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करती है।
👉 ऐसी आपके किसी भी कंपटीशन में जरूर आगे रहने में मदद करता है उदाहरण के लिए अगर आप दो वेबसाइट सामान चीजें भेज रहे हैं तो वेबसाइट ऐसी अपमानित होती है वह जाता कस्टमर सपनों की थी उनकी से भी बढ़ जाती वहीं दूसरी ओर इतना नहीं कर पाती है।
SEO ke प्रकार _ Type of SEO in hindi
Seo दो प्रकार के होते हैं उनके जैसी और दूसरा होता है ऑफ पेज सियो इन दोनों को बिल्कुल अलग है इसलिए हम के बारे में जानना जरूरी है।
होम पेज एस सीईओ का काम आपके ब्लॉग होता है इसका मतलब कि अपने वेबसाइट पर ठीक तरह से डिजाइन करना और seo फ्रेंडली करना होता है।
एसडीओ के रूल को फॉलो करके आप अपनी वेबसाइट में टेंपलेट कस्टमर कर सकता है अच्छे कंटेंट एक सकता है उसमें चुकी बर्तन यूज भी कर सकते हैं जो सर्च इंजन में सबसे ज्यादा खोजी जाति है ।
की वर्ष का इस्तेमाल पेज में सही जगह करना होता है जैसे टाइटल मीटर डिस्क्रिप्शन कंटेंट में केवल का इस्तेमाल करना इसे गूगल को जाने में आसानी होती है कि आपका कंटेंट किसके ऊपर लिखा गया और जल्दी आपकी वेबसाइट को गूगल पर उत्पादन करने में मदद कीजिए आपके ब्लॉग की तरफ भी बढ़ जाती है।
ओके जैसी हो को करने के लिए आपको कुछ तकलीफ के बारे में जानने होती है जिससे ब्लॉग या वेबसाइट को ऑन परदेसी हो को सही तरीके से कर सकेंगे।
1. Website speed
सबसे पहले आपका वेबसाइट स्पीड एक बहुत महत्वपूर्ण भाग जाता है यहां पर आपको ऐसे की दृष्टि से देख इन पर एक सर्वे में पाया गया है कि आपकी वेबसाइट जितनी भ चलेगी उतनी ही ज्यादा ट्रैफिक आएगी ।
कुछ समय का सेकंड होता है 5-6 सेकंड का अगर उस समय के बीच में आप क वेबसाइट नहीं खुलती है कि मुझे दूसरी वेबसाइट पर मूव हो जाएगा और आपकी वेबसाइट के लिए क्यों नेगेटिविटी छोड़कर चले जाएगा इससे आपकी वेबसाइट पर कोई आएगा भी नहीं और आपकी वेबसाइट पर ट्रैफिक भी नहीं पड़ेगी इसलिए आप अपनी वेबसाइट की साइड की स्पीड अच्छी रखे।
कुछ पॉइंट्स है जिन्हें आप यूज करके अपनी वेबसाइट की स्पीड को बढ़ा सकते हैं।
A. सिंपल वाइट एक टिफिन का इस्तेमाल करना चाहिए।
B. ज्यादा प्लगिंस इस्तेमाल ना करें.
C. इमेज का साइज कम से कम रखें।
D.W3 total cache aur WAP super cache plugins ka इस्तेमाल करें ।
अपने ब्लॉग या वेबसाइट में तोता जाना आसान होना चाहिए जिससे कोई इन्वेस्टर सर गूगल को एक पेड़ से दूसरे पर जाने में कोई परेशानी ना हो और जितना शहर वेबसाइट का नेविगेशन होगा उतना ही सर्च इंजन में बढ़ने की संभावना बढ़ जाती है।
3.Title Tag
अपनी वेबसाइट में टाइटल है तो बहुत अच्छे तरीके से बनाएं जिससे कोई भी विस्तार से पढ़े तो आसानी से आपके टाइटल पर क्लिक करके उसके आपका सीटीआरबी इनक्रीस कर सकता है।
कैसे कैसे बनाए अच्छे टाइटल tag
टाइटल में केवल 65 वर्ड से ज्यादा इस्तेमाल ना करें इससे गूगल 65 वर्ड के बाद गूगल सर्च इसमें टाइटल टैग शो नहीं करता है ।
4. पोस्ट का यूआरएल कैसे लिखें.
हमें सभी पोस्ट का यूआरएल आप जितना सिंपल छोटा हो उसको उतना रखें
5. इंटरनल लिंक
जब भी आप अपने पोस्ट को हैंग कर आना चाहते हैं तो बहुत बेहतरीन तरीका होता है इससे आप अपने लिए बिल्कुल इसको जल्दी से करा दे इंटरलिंकिंग कर सकते हैं इससे आपको सभी इंटरलिंकेजेस आसानी से लिंक हो सकती हैं।
6.Alt Tag
अपनी वेबसाइट का पोस्ट नहीं बिजनेस कस्टमर केयर करें क्योंकि मुझे आप बांसवाड़ा ट्रैफिक आ सकती इसलिए इमेज को इस्तेमाल करते समय ॉलटेक लगाना ना भूलें।
7. कंटेंट हैडिंग और कीवर्ड
कंचन के बारे में पहले आपको सही तरीके से जान ना होता है अभी बहुत ही महत्वपूर्ण कड़ी होती है क्योंकि कंटेंट कि आपका राजा होता है और आपका जितना च कंटेंट होगा आपके संग इतनी अच्छी जाता विजुलाइजेशन इसलिए कम से कम 800 वर्ड से ज्यादा वर्ल्ड को कंटेंट जरूर लिखें ।
कभी भी अपने कंटेंट को किसी दूसरे से नाही चुराए नहीं कॉपी और पेस्ट करें इससे आपकी वेबसाइट पर या फिर आना कम हो जाएगी और ऐडसेंस का अभी भी नहीं मिलेगा।
हैडिंग
अपने आर्टिकल में हेडिंग्स का बहुत ज्यादा ध्यान रखना होता है इससे ऐसे ऊपर काफी इंपैक्ट पड़ता है अगर आर्टिकल का टाइटल H 1 होता है तो उसके बाद के शक है कि जिसको आप H2, H3 आदि नाम दे सकते हैं जिससे आपका फोकस कि वह जरूर इस्तेमाल करें।
Keyword
जब भी आप अपनी आईडी कल को लिखते हैं तो उसमें आपको एलएसआई की वर्ड का इस्तेमाल जरूर करना चाहिए इससे आप लोगों को सच को आसानी से लिंग पर सकते हैं इसके साथ ही इंपॉर्टेंट की वर्ड को वोट करें जिससे कि गूगल और विस्टस को भी पता है कि कि वह है और उसका ध्यान आपकी तरफ या उनकी तरफ आकर्षित हो जाएगा।
यहां पर मैं आप लोगों को आप भेज ऐसी ओम की टेक्निक के बारे में बताऊंगा जब बहुत ही ज्यादा आपके काम आने वाली है तो उसे ध्यान पूर्वक पड़ेगा और इसे फॉलो जरूर करिएगा।
1. Search engine Submission
अपनी वेबसाइट को सही तरीके से सारे इंजन में सबमिट करना चाहिए जिससे आपकी वेबसाइट को ग्रो होने में बहुत ज्यादा सहायता मिलने वाली है।
2. Bookmarking
अपने ब्लॉग या वेबसाइट के पेज और पोस्ट को बुक मार्किंग वाली वेबसाइट में सम्मिलित करना चाहिए।
3. Directiory submission
जॉब इन पॉपुलर हाई प्यार वाली वेबसाइट है उसमें अपने ब्लॉग या वेबसाइट को सबमिट करना चाहिए।
4. सोशल मीडिया
अपने ब्लॉग या वेबसाइट का पेज और सोशल मीडिया पर प्रोफाइल बनाना चाहिए जिससे आपकी वेबसाइट का लिंक ऐड करने पर लाइक मिले और फेसबुक ट्विटर लिंक्डइन आदि पर शेयर भी करना चाहिए।
5. क्लासिफाइड सबमिशन
क्लासिफाइड वेबसाइट में जाकर अपनी वेबसाइट का फ्री में एडवर्टाइज करना चाहिए।
6. क्वेश्चन एंड आंसर साइट
आप क्वेश्चन एंड आंसर वाली वेबसाइट पर जाकर क्वेश्चन कर सकते हो और अपनी साइट का लिंक भी ऐड कर सकते हैं।
7. कॉमेंट्स
अपने ब्लॉग से रिलेटेड ब्लॉग पर जाकर उनके पोस्ट में कमेंट करना चाहिए जिससे आपकी अपनी वेबसाइट का लिंक लगा सकते हैं।
8. Pin
आप अपनी वेबसाइट के इमेज को पिंटरेस्ट पर पोस्ट कर सकते हैं यह बहुत अच्छा तरीका होता है ट्रैफिक को increcres करने में।
9. गेस्ट पोस्ट
आप अपनी वेबसाइट से रिलेटेड ब्लॉक पर जाकर गेस्ट पोस्ट कर सकते हैं यह सबसे अच्छा है जहां से आप दो फॉलो लिंक ले सकते हैं और वह भी बिल्कुल सही तरीके से।
3. Local SEO
लोग यह नहीं जानते हैं कि लोकल SEOक्या होता है मेरी मां ने तो इसका जवाब वहीं से इस के सवाल में ही छुपा हुआ है।
लोकल एसीईओ को अगर विश्लेषण करें तो यह दो शब्दों का समाहार है लोकल प्लस SEO। अगर हम इसका मतलब निकालते हैं तो किसी लोकल ऑडियंस को ध्यान में रखकर किया जाने वाला ऐसो को लोकल एसईओ कहा जाता है।
इस टेक्निक का यूज करके आप अपनी वेबसाइट या ब्लॉग को खासतौर से ऑप्टिमाइज कर सकते हैं जिससे इसकी सर्च इंजन पर बेहतर रैंक करें और लोकल ऑडियंस को अपनी ओर आकर्षित करें।
वैसे एक वेबसाइट की मदद से आप पूरे इंटरनेट को टारगेट कर सकते हैं वहीं अगर आपको एक पार्टी कूलर लोकेलिटी को ही टारगेट करना है तब आप इसके लिए लोकल ऐसो का इस्तेमाल करना होता है और यह आप करके ट्रैफिक को इनक्रीस कर सकते हैं।
इसमें आपको ऑप्टिमाइज करना होता है और आपके शहर के नाम वही इसके ऐड्रेस डीटेल्स को भी साथ में ऑप्टिमाइज करना होता है वहीं से संक्षिप्त में कहे तो आपको कुछ ऐसे तरीके से अपने साइड को ऑप्टिमाइज करना होगा जिससे कि लोगों को केवल ऑनलाइन ही नहीं बल्कि ऑफलाइन भी आ सके।
बहुत सारे लोगों को बहुत सारे डाउट होते हैं और वह यह नहीं समझ पाते हैं कि ऐसी और इंटरनेट मार्केटिंग क्या होता है उन्हें लगता है कि यह दोनों एक जैसे ही हैं लेकिन इसके जवाब में मैं यह कहना चाहता हूं कि एक प्रकार का टूर है और यह इंटरनेट मार्केटिंग का एक हिस्सा भी कह सकते हैं इसके इस्तेमाल से इंटरनेट मार्केटिंग को कर पाना बहुत ही आसान हो जाता है।
SEO और SEM मे क्या अंतर है
Seo aur SEM ke बीच मे जो अंतर है वो ये है की seo sem का एक हिस्सा है ।
SEO
ऐसी ओए सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन एक ऐसा प्रोसेस है जिसके द्वारा एक ब्लॉगर अपने ब्लॉग या वेबसाइट को कुछ इस प्रकार से ऑप्टिमाइज करता है कि जिससे उसका ब्लॉग और आर्टिकल को वह अपने सर्च इंजन में ला सके और रंक कर सके वहां अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक लेकर आने का मुख्य उद्देश्य है
Sem
एक सर्च इंजन मार्केटिंग है इसका यह प्रोसेस यह है कि इसे आप अपने ब्लॉग में सर्च इंजन में ज्यादा विजुअल बना सकते हैं।
Seo का मुख्य उद्देश्य होता है कि आप अपने ब्लॉग या वेबसाइट को ठीक ढंग से ऑप्टिमाइज कर सके जिससे कि आपका सर्च इंजन में बटन रैंकिंग मिल सके वही एसीएम से आप पैसों की तुलना में ज्यादा चीजें प्राप्त कर सकते हैं क्योंकि यह केवल फ्री ट्रैफक तक ही सीमित नहीं है बल्कि इसमें पूरे मेथड भी शामिल हैं जिससे कि पीपीसी एडवरटाइजिंग इइत्याद।
SEO के बारे में जानकारी
अगर आप अपना कोई भी ब्लॉग या वेबसाइट बना रहे हैं तो आपको बेसिक ऐसी ओ के बारे में पता होना चाहिए और यह कैसे काम करता है लेकिन मुझे यह पता है कि आप में से बहुत सारे लोग जिन्हें की बेसिक ऐसी और टेंस के बारे में कोई भी जानकारी नहीं है इसलिए मैंने आप लोगों को कुछ बहुत ही महत्वपूर्ण बेसिक एसिड टेंस इन हिंदी के बारे में जानकारी यहां पर दिए जिससे कि आपको भी इसके बारे में पता चल सके।
Backlinks
Backlink इसे इन लिंक या सिंपलीलिंक भी कहते हैं यह हाइपरलिंक होता है जिससे किसी दूसरे व्यक्ति साइड में जो कि आपके वेबसाइट की तरफ इशारा करता है बैकलिंक ऐसी ओके नजरिए से बहुत ही महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह किसी भी वेबपेज की सर्च राइटिंग को डायरेक्टली इन्फ्रेंस करता है।
पेज रैंक
पेजरैंक एक एल्गोरिथ्म है जैसे कि गूगल इस्तेमाल करता है यह अनुमान लगाने के लिए वेब में कौन-कौन से रिलेटिव इंपोर्टेंट पेजेस स्थित हैं।
Anchor text
किसी भी बैंक लिंक का एंकर टेक्स्ट के प्रकार का टेस्ट होता है जोकि क्लीकेबल होता है यदि आपके अंकल टेक्स्ट में आपका केवल मौजूद है तब यह आपको ऐसी ओ की दृष्टि से भी काफी मदद करेगा।
टाइटल टैग
टाइटल ट्रैक का मुख्य रूप से किसी भी वेब पेज का टाइटल होता है यह महत्वपूर्ण फैक्टर है जो गूगल सर्च एल्गोरिथम के लिए काम करता है।
Meta tag
टाइटल ट्रैक के जैसे ही मैटर टाइप का इस्तेमाल से सर्च इंजन को यह पता चलता है कि पेजस में कंटेंट में क्या स्थित है।
सर्च Algorithm
गूगल सर्च एल्गोरिथम की मदद से हम यह पता कर सकते हैं कि पूरे इंटरनेट में कौन सी वेब पेज एस रिलेवेंट है लगभग 200 एल्गोरिथ्म काम करती है गूगल के सर्च इंजन एल्गोरिथ्म में।
SERP
इसका जो फुल फॉर्म होता है वह सर्च इंजन रिजल्ट भेजें यह बेसिकली उन्हीं पेजेस को शो करता है जो कि गूगल सर्च इंजन के हिसाब से रेलीवेंट हो सकता है।
कीवर्ड डेंसिटी
यह केवल डेंसिटी से पता चलता है कि कितनी बार कोई भी केवल आर्टिकल में कितनी बार इस्तेमाल किया गया है केवल डेंसिटी एसईओ की दृष्टि से बहुत ही महत्वपूर्ण साबित होता है।
कीवर्ड स्टाफिंग
कीवर्ड डेंसिटी एश्योर की दृष्टि से काफी महत्वपूर्ण होता है लेकिन अगर कोई कीवर्ड को जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल किया जाए तो केवल स्टाफिंग कहते हैं नेगेटिव क्यों कहलाता है क्योंकि इससे आपके ब्लॉग पर खराब असर पड़ता है।
Robots.TXT
यह ज्यादा कुछ नहीं बस एक फाइल होती है जिससे कि डोमेन के रूप में रखा जाता है इसके इस्तेमाल से सच बोर्ड को यह सूचित किया जाता है की वेबसाइट के स्ट्रक्चर कैसी होती है।
ऑर्गेनिक और इन ऑर्गेनिक रिजल्ट क्या होते हैं
सर्च इंजन रिजल्ट पेजेस पर मुख्य रूप से 2 तरह की लिस्टिंग होती है ऑर्गेनिक और इन ऑर्गेनिक।
इनऑर्गेनिक लिस्टिंग कि अगर हम बात करें तो गूगल को पैसे देने होते हैं यानी कि पेड़ होते हैं और इसमें पैसे का भुगतान करना पड़ता है।
वहीं पर ऑर्गेनिक लिस्टिंग पूरी तरह से फ्री होती है ताकि बिना पैसे दिए हुए गूगल के टॉप पेज पर आ सके लेकिन इसके लिए पहले आपको ऐसी ओका करना बहुत जरूरी होता है।
क्या seo सिखाना या करना आसान है
अभी तक कि अगर हम बात करते हैं तो ऐसी ऊपर किसी ने भी पूरी तरह से महारत हासिल नहीं किया इसका वजन हमेशा हो रहे बदलाव हैं बदलाव के कारण लोग इसमें पूरी तरह से महारत हासिल नहीं कर पाए हैं ऐसे में अगर आप ब्लॉगिंग को लेकर सीरियस है तब आपको ऐसी और ट्यूटोरियल के विषय में जानकारी रखना बहुत ही जरूरी है ऐसा करने से आपको बहुत काम आने वाली है ऐसी ओका वैसे कोई रूल तो नहीं होता है लेकिन कुछ गूगल एल्गोरिथ्म के ऊपर आधारित होते हैं वह निरंतर बदलते रहते हैं।
एक ऐसी चीज है जो समय के साथ में बदलता रहता है लेकिन फिर भी गूगल SEO गाइड के कुछ फंडामेंटल होते हैं जो कि हमेशा सामान तौर पर काम करते हैं इसलिए जरूरी है कि ब्लॉगस हमेशा खुद को नई ऐसी हो तकनीक से अपडेट करता रहे।
इससे आपको मार्केट में चल है TREND के बारे में पता होगा जिसे आप भी आर्टिकल में जरूरी बदलाव कर सकते हैं जो कि बाद में आपको RANK करने में बहुत ज्यादा मदद मिलेगी।
CONCLUSION
हेलो दोस्तों मेरा नाम संदीप वर्मा है मैंने इस पोस्ट मे seo क्या है के बारे मे लिखा है पूरी डिटेल्स से अगर आप लोगो को लगता है इसमें कुछ कमी रह गयी है तो आप लोग अपने कमैंट्स से मुझे बता सकते है, और आप लोगो को मेरा आर्टिकल पसंद आया है यो इसे अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ शेयर जरूर करें।